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अरुणाचल प्रदेश में बाढ़ का कहर: भारी बारिश से फ्लैश फ्लड, कई लोग लापता, राहत-बचाव अभियान जारी

अरुणाचल प्रदेश में बाढ़ का कहर: भारी बारिश से फ्लैश फ्लड, कई लोग लापता, राहत-बचाव अभियान जारी

अरुणाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। राज्य के कई जिलों में फ्लैश फ्लड (अचानक आई बाढ़) और भूस्खलन की घटनाओं ने व्यापक तबाही मचाई है। सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में कीयी पन्योर (Keyi Panyor) जिला शामिल है, जहां दर्जनों घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं और कई लोग लापता बताए जा रहे हैं। प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिए हैं, जबकि मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में और बारिश की चेतावनी जारी की है।

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25 Jun 2026 44 views 3 min read
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48 घंटे की लगातार बारिश बनी आपदा का कारण

अधिकारियों के अनुसार पिछले 48 घंटों से जारी मूसलाधार बारिश के कारण नदियों और नालों का जलस्तर अचानक बढ़ गया। इसके परिणामस्वरूप कई क्षेत्रों में फ्लैश फ्लड की स्थिति उत्पन्न हो गई।

याजाली (Yazali) क्षेत्र के पास स्थित नीपको (NEEPCO) कॉलोनी और आसपास के निचले इलाकों में पानी तेजी से घुस गया, जिससे कई मकान जलमग्न हो गए। कुछ घरों को भारी नुकसान पहुंचा है जबकि कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

कई लोग लापता, तलाश जारी

प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं के बाद कई लोगों के लापता होने की सूचना मिली है। बचाव दल लगातार प्रभावित क्षेत्रों में खोज अभियान चला रहे हैं।

स्थानीय प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ और अन्य आपदा प्रबंधन एजेंसियां मिलकर राहत कार्यों में जुटी हुई हैं। लापता लोगों की तलाश के लिए विशेष टीमों को तैनात किया गया है।

अधिकारियों ने कहा है कि मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं।

भूस्खलन से सड़क संपर्क बाधित

लगातार बारिश के कारण कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ है, जिससे राष्ट्रीय राजमार्गों और ग्रामीण सड़कों पर यातायात प्रभावित हुआ है।

कई गांवों का जिला मुख्यालयों से संपर्क टूट गया है। कुछ इलाकों में लोग फंसे हुए हैं और प्रशासन वैकल्पिक मार्गों के जरिए राहत सामग्री पहुंचाने का प्रयास कर रहा है।

भूस्खलन के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करना बेहद जोखिमपूर्ण हो गया है।

घर, सड़कें और बुनियादी ढांचा प्रभावित

भारी बारिश और बाढ़ के कारण आवासीय भवनों, पुलों, सड़कों और अन्य सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचा है।

कई जगहों पर बिजली आपूर्ति और संचार सेवाएं बाधित हुई हैं। प्रशासन द्वारा क्षति का आकलन किया जा रहा है और प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है।

स्थानीय लोगों के अनुसार कई कृषि भूमि भी पानी में डूब गई हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान होने की आशंका है।

असम में भी बढ़ी चिंता

अरुणाचल प्रदेश में हुई भारी बारिश का असर पड़ोसी राज्य असम में भी देखने को मिल सकता है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि ऊपरी क्षेत्रों से आने वाला अतिरिक्त पानी निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति को गंभीर बना सकता है।

असम सरकार ने कई जिलों में हाई अलर्ट जारी कर दिया है और आपदा प्रबंधन एजेंसियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।

प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी

राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे:

  • नदी और नालों के किनारे जाने से बचें।
  • भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में यात्रा न करें।
  • मौसम विभाग और प्रशासन की आधिकारिक सूचनाओं का पालन करें।
  • आपातकालीन स्थिति में स्थानीय प्रशासन से तुरंत संपर्क करें।

मौसम विभाग की चेतावनी

मौसम विभाग ने पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक भारी से अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना जताई है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा तो बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएं और बढ़ सकती हैं। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है।

आगे क्या?

फिलहाल राहत और बचाव अभियान जारी है और प्रशासन प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटा हुआ है। नुकसान का वास्तविक आंकड़ा आने वाले दिनों में स्पष्ट हो सकेगा।

अरुणाचल प्रदेश एक बार फिर मानसून की मार झेल रहा है और हजारों लोग इस प्राकृतिक आपदा के प्रभाव से जूझ रहे हैं। सरकार और आपदा प्रबंधन एजेंसियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और प्रभावित क्षेत्रों में जल्द से जल्द सामान्य स्थिति बहाल करना है।

मुख्य बिंदु

  • अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश से फ्लैश फ्लड और भूस्खलन।
  • कई घर क्षतिग्रस्त, कई लोग लापता।
  • कीयी पन्योर जिला सबसे अधिक प्रभावित।
  • सड़क संपर्क बाधित, कई गांवों का संपर्क टूटा।
  • राहत और बचाव अभियान जारी।
  • असम में भी बाढ़ का खतरा बढ़ा।
  • मौसम विभाग ने और बारिश की चेतावनी दी।


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