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हड्डियों के रोग केवल बुढ़ापे में ही नहीं, किसी भी उम्र में हो सकते हैं: सतर्क रहें

हड्डियों के रोग केवल बुढ़ापे में ही नहीं, किसी भी उम्र में हो सकते हैं: सतर्क रहें

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17 Mar 2024 3 views 1 min read
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GRIT June 26

बढ़ती उम्र के साथ हड्डियों का कमजोर होना एक स्वाभाविक प्रक्रिया है। लेकिन यदि समय रहते हड्डियों की देखभाल न की जाए, तो वे विभिन्न बीमारियों का शिकार हो सकती हैं। आइए जानते हैं हड्डियों से जुड़ी कुछ प्रमुख बीमारियों और उनसे बचाव के उपायों के बारे में।

मानव शरीर में कुल 206 हड्डियां होती हैं, जो शरीर को संरचना प्रदान करने और चलने-फिरने में सहायता करती हैं। जीवनभर हड्डियों में निर्माण और पुनर्निर्माण की प्रक्रिया चलती रहती है। बचपन और किशोरावस्था में नई हड्डियों का निर्माण तेजी से होता है, लेकिन 20 वर्ष की आयु के बाद यह प्रक्रिया धीरे-धीरे धीमी पड़ने लगती है।

बढ़ती उम्र में हड्डियों से जुड़ी समस्याओं से बचने के लिए शुरुआत से ही उनकी देखभाल करना आवश्यक है। पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम, विटामिन डी और प्रोटीन का सेवन, नियमित व्यायाम और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर हड्डियों को मजबूत रखा जा सकता है तथा हड्डियों के रोगों के खतरे को कम किया जा सकता है।

ऑस्टियोपोरोसिस

इंटरनेशनल ऑस्टियोपोरोसिस फाउंडेशन की रिपोर्ट के अनुसार, ऑस्टियोपोरोसिस बुजुर्गों में होने वाली सबसे आम हड्डी संबंधी बीमारियों में से एक है। इस बीमारी में हड्डियां इतनी कमजोर और भंगुर हो जाती हैं कि हल्की सी चोट या गिरने पर भी फ्रैक्चर हो सकता है। इसके कारण होने वाले फ्रैक्चर सबसे अधिक कूल्हे, कलाई और रीढ़ की हड्डी में देखे जाते हैं।

पैजेट्स डिजीज ऑफ बोन

पैजेट्स डिजीज ऑफ बोन भी बुजुर्गों में पाई जाने वाली एक महत्वपूर्ण हड्डी संबंधी बीमारी है। इस रोग में हड्डियों के पुनर्निर्माण की प्रक्रिया असामान्य हो जाती है, जिससे नई हड्डियां सही तरीके से विकसित नहीं हो पातीं। समय के साथ हड्डियां कमजोर, विकृत और आसानी से टूटने वाली हो जाती हैं। यह रोग मुख्य रूप से खोपड़ी, रीढ़ और पैरों की हड्डियों को प्रभावित करता है।

हड्डियों का कैंसर

हड्डियों का कैंसर एक गंभीर और जानलेवा हड्डी रोग है। हालांकि यह अन्य प्रकार के कैंसर की तुलना में कम पाया जाता है, लेकिन कमजोर हड्डियों वाले बुजुर्गों में इसका खतरा अधिक हो सकता है। यह कैंसर आमतौर पर श्रोणि (पेल्विस) तथा हाथों और पैरों की लंबी हड्डियों को प्रभावित करता है। यह एक दुर्लभ प्रकार का कैंसर माना जाता है।

ऑस्टियोमाइलाइटिस

ऑस्टियोमाइलाइटिस हड्डियों में होने वाला एक संक्रमण है, जो काफी दर्द और परेशानी का कारण बन सकता है। यह संक्रमण रक्त प्रवाह या आसपास के ऊतकों के माध्यम से हड्डियों तक पहुंच सकता है। इसके अलावा, किसी चोट या घाव के कारण हड्डियों में कीटाणुओं के प्रवेश से भी यह संक्रमण हो सकता है।

हड्डियों को स्वस्थ रखने के लिए क्या खाएं?

हड्डियों के रोगों से बचाव के लिए संतुलित और पौष्टिक आहार लेना बेहद जरूरी है। ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन करें जिनमें कैल्शियम, विटामिन डी और अन्य आवश्यक पोषक तत्व भरपूर मात्रा में मौजूद हों।

हड्डियों के लिए लाभकारी खाद्य पदार्थ:

  • दूध, दही, पनीर और अन्य डेयरी उत्पाद (कैल्शियम के अच्छे स्रोत)
  • अंडे और मछली (विटामिन डी के स्रोत)
  • हरी पत्तेदार सब्जियां
  • ताजे फल
  • साबुत अनाज

ये सभी पोषक तत्व हड्डियों को मजबूत और स्वस्थ बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं

हड्डियों के रोगों से बचने के लिए स्वस्थ जीवनशैली अपनाना बहुत आवश्यक है। इसके लिए निम्नलिखित बातों का ध्यान रखें:

  • समय पर और संतुलित भोजन करें।
  • प्रतिदिन 7–8 घंटे की पर्याप्त नींद लें।
  • नियमित रूप से व्यायाम करें।
  • अपनी दिनचर्या को व्यवस्थित और संतुलित रखें।

इन आदतों को अपनाकर आप न केवल अपनी हड्डियों को मजबूत बना सकते हैं, बल्कि एक स्वस्थ और सक्रिय जीवन भी जी सकते हैं।

धूम्रपान और अत्यधिक शराब के सेवन से बचें

अधिक मात्रा में शराब का सेवन शरीर में कैल्शियम और विटामिन डी के अवशोषण को प्रभावित कर सकता है, जिससे हड्डियों के रोगों का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा, शराब हार्मोन संतुलन को भी प्रभावित करती है, जो हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।

धूम्रपान का हड्डियों की घनत्व (Bone Density) पर सीधा नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसलिए धूम्रपान करने वाले लोगों में ऑस्टियोपोरोसिस और अन्य हड्डी संबंधी बीमारियों का जोखिम अधिक होता है।

डिस्क्लेमर

यह लेख केवल सामान्य जानकारी प्रदान करने के उद्देश्य से लिखा गया है। इसे किसी भी प्रकार की चिकित्सीय सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या या उपचार के लिए हमेशा योग्य चिकित्सक से परामर्श लें।

स्रोत: नवभारत टाइम्स