Thursday, 11 June 2026 Dhanbad, JH  |  32°C Partly Cloudy
नशा तस्करी की सूचना देने वालों को सुरक्षा और ₹20 लाख तक मुआवजा देगी झारखंड सरकार

नशा तस्करी की सूचना देने वालों को सुरक्षा और ₹20 लाख तक मुआवजा देगी झारखंड सरकार

A
Administrator
Reporter
06 Jun 2026 17 views 1 min read
Helpful?
Listen
Advertisement
MadGlo June 26

झारखंड में नशा तस्करी की सूचना देने वालों को मिलेगा इनाम, मौत पर परिवार को ₹20 लाख तक मुआवजा

झारखंड सरकार ने मादक पदार्थों के अवैध उत्पादन और तस्करी की जानकारी देने वाले मुखबिरों (सूचनादाताओं) के लिए नई पुरस्कार एवं मुआवजा नीति लागू की है।

इस नीति के तहत मादक द्रव्य एवं मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम (NDPS Act), 1985 के अंतर्गत आने वाले नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार की सूचना देने वाले व्यक्तियों को उनकी सहायता के लिए आर्थिक पुरस्कार दिया जाएगा।

मुखबिरों और उनके परिवारों के लिए मुआवजा

राज्य सरकार के निर्णय के अनुसार निम्नलिखित मुआवजा व्यवस्था लागू की गई है:

  • कार्रवाई के दौरान किसी मुखबिर की मृत्यु होने पर उसके परिवार को ₹20 लाख तक का मुआवजा दिया जाएगा।
  • स्थायी विकलांगता की स्थिति में ₹10 लाख तक की सहायता प्रदान की जाएगी।
  • 40 प्रतिशत या उससे अधिक विकलांगता होने पर ₹5 लाख की आर्थिक सहायता मिलेगी।
  • गंभीर चोट लगने पर, जहां विकलांगता 40 प्रतिशत से कम हो या विकलांगता न हो, ₹3 लाख का मुआवजा दिया जाएगा।
  • सामान्य या मामूली चोट लगने की स्थिति में ₹50,000 की सहायता राशि प्रदान की जाएगी।

मुआवजा मिलने की शर्तें

मुआवजा तभी स्वीकृत किया जाएगा जब जांच में यह साबित हो जाए कि मुखबिर को दी गई सूचना के कारण निशाना बनाया गया था और उसकी सूचना के आधार पर नशा तस्करों के खिलाफ सफल कार्रवाई या जब्ती की गई हो।

इसके अलावा किसी भी भुगतान की स्वीकृति से पहले संबंधित मामले में औपचारिक प्राथमिकी (FIR) या केस दर्ज होना आवश्यक होगा।

मंजूरी और निगरानी व्यवस्था

मुआवजा और पुरस्कार से संबंधित सभी मामलों की गृह विभाग द्वारा गहन जांच की जाएगी। अंतिम स्वीकृति देने का अधिकार गृह सचिव, प्रधान सचिव या अपर मुख्य सचिव के पास होगा।

राज्य स्तरीय पुरस्कार समिति का गठन

योग्य मुखबिरों के चयन के लिए एक राज्य स्तरीय समिति का गठन किया जाएगा।

इस समिति की अध्यक्षता एडीजी सीआईडी (ADG CID), आईजी सीआईडी (IG CID) अथवा एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) के प्रमुख द्वारा की जाएगी।

समिति में बजट प्रभाग, गृह विभाग तथा अभियोजन निदेशालय के अधिकारी भी शामिल होंगे, ताकि पुरस्कार और मुआवजा प्रक्रिया में पारदर्शिता एवं निष्पक्षता सुनिश्चित की जा सके।

नीति का उद्देश्य

इस नई नीति का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को नशा तस्करी और मादक पदार्थों से जुड़े अपराधों की सूचना देने के लिए प्रोत्साहित करना है। साथ ही, सूचना देने वाले व्यक्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और प्रतिशोध की स्थिति में उन्हें तथा उनके परिवारों को आर्थिक संरक्षण प्रदान करना भी इसका महत्वपूर्ण लक्ष्य है।

सौजन्य: दैनिक जागरण


Courtesy: Dainik Jagran