डेमियन बोबाडिला की गलती ने USA को दिलाई बढ़त
फीफा वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप डी मुकाबले में मेजबान अमेरिका ने पराग्वे को 4-1 से हराकर इतिहास रच दिया। गोल अंतर के आधार पर यह विश्व कप इतिहास में अमेरिकी टीम की सबसे बड़ी जीतों में शामिल हो गई। पूरे मैच के दौरान अमेरिका का दबदबा देखने को मिला।
पराग्वे की मुश्किलें मुकाबले के शुरुआती मिनटों में ही शुरू हो गईं। सातवें मिनट में डेमियन बोबाडिला ने अनजाने में आत्मघाती गोल कर दिया, जिससे अमेरिका को शुरुआती बढ़त मिल गई और उसकी जीत की राह आसान हो गई।
पहले हाफ में ही अमेरिका ने बनाई मजबूत पकड़
मेजबान टीम ने शुरुआत से ही पराग्वे पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। हालांकि पहला गोल अमेरिका के खाते में दर्ज हुआ, लेकिन गेंद को अपने ही जाल में भेजने वाले पराग्वे के खिलाड़ी डेमियन बोबाडिला थे।
शुरुआती बढ़त मिलने के बाद अमेरिका ने अपना आक्रामक खेल और तेज कर दिया। 31वें मिनट में टीम ने दूसरा गोल दागा, जबकि पहले हाफ के इंजरी टाइम में तीसरा गोल कर मुकाबले को लगभग अपने पक्ष में कर लिया। हाफ टाइम तक अमेरिका 3-0 की मजबूत बढ़त के साथ पूरी तरह नियंत्रण में था।
73वें मिनट में आया पराग्वे का एकमात्र गोल
पराग्वे की ओर से एकमात्र गोल 73वें मिनट में मौरिसियो ने किया। हालांकि इसके बावजूद मैच पर अमेरिका का नियंत्रण बना रहा। दूसरे हाफ के इंजरी टाइम में जियोवानी रेना ने एक और गोल कर जीत पर मुहर लगा दी। अंततः अमेरिका ने 4-1 से शानदार जीत हासिल की।
फीफा वर्ल्ड कप में अपनी सबसे बड़ी जीत की बराबरी
पराग्वे के खिलाफ मिली इस जीत के साथ अमेरिका ने फीफा वर्ल्ड कप इतिहास में अपनी सबसे बड़ी जीत के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। तीन गोल के अंतर से मिली इस जीत ने 1930 के पहले विश्व कप की यादें ताजा कर दीं, जब अमेरिका ने बेल्जियम और पराग्वे दोनों को 3-0 से हराया था।
ग्रुप डी में रोमांचक बनी हुई है क्वालिफिकेशन की जंग
फिलहाल अमेरिका ग्रुप डी में पराग्वे, ऑस्ट्रेलिया और तुर्की के साथ शामिल है। अगले दौर में जगह बनाने की होड़ काफी रोमांचक रहने वाली है, क्योंकि ग्रुप चरण से केवल शीर्ष दो टीमें ही नॉकआउट चरण के लिए क्वालिफाई कर पाएंगी।
Source: Prabhat Khabar
