नई दिल्ली: रिटायरमेंट (Retirement) के बाद हर महीने ₹1 लाख की आय (Monthly Income) आज के समय में एक आरामदायक जीवन के लिए पर्याप्त मानी जाती है, लेकिन सवाल यह है कि आने वाले सालों में यही खर्च कितना बढ़ जाएगा और इसके लिए कितना बड़ा फंड तैयार करना होगा। आइए समझते हैं कि मंहगाई और समय के हिसाब से रिटायरमेंट के लिए कितना पैसा जरूरी होता है और कौन से ऑप्शन सेफ साबित हो सकते हैं।
कितना बढ़ सकता है खर्च?
अगर किसी व्यक्ति का वर्तमान मासिक खर्च ₹1 लाख है, तो रिटायरमेंट तक पहुंचते-पहुंचते यही खर्च कई गुना बढ़ सकता है। उदाहरण के तौर पर समझें तो, अगर महंगाई दर 6% मानी जाए और किसाी व्यक्ति की उम्र 30 साल है, तो 30 साल बाद यही खर्च बढ़कर करीब ₹5.7 लाख प्रति माह हो जाएगा। वहीं 40 साल की उम्र वाले व्यक्ति के लिए 20 साल बाद यह खर्च करीब ₹3.2 लाख और 50 साल की उम्र में 10 साल बाद करीब ₹1.8 लाख प्रति माह जोएगा। इससे साफ है कि रिटायरमेंट प्लानिंग में महंगाई को नजरअंदाज करना बड़ी गलती साबित हो सकती है।
वित्तीय विशेषज्ञों के मुताबिक, रिटायरमेंट के लिए निवेश करते समय दो चीजों का संतुलन जरूरी है सेफ्टी (capital protection) और ग्रोथ (inflation beating returns)।
कौन-कौन से निवेश ऑप्शन हैं सेफ?
1. Employees’ Provident Fund (EPF) और Public Provident Fund (PPF)
ये दोनों सरकारी योजनाएं लंबे समय के लिए सुरक्षित मानी जाती हैं।
* गारंटीड रिटर्न (सरकार द्वारा तय)
* टैक्स बेनिफिट (EEE कैटेगरी)
* जोखिम लगभग न के बराबर
PPF में 15 साल का लॉक-इन होता है, इसलिए यह लंबी अवधि के लिए अच्छा विकल्प है।
2. NPS( National Pension System)
रिटायरमेंट के लिए खास तौर पर डिजाइन की गई स्कीम है।
* इक्विटी+ डेट का मिक्स
* टैक्स में अतिरिक्त छूट
* रिटायरमेंट पर नियमित पेंशन
यह महंगाई को बीट करने के लिए बेहतर ऑप्शन माना जाता है।
3. म्यूचुअल फंड SIP (Equity + Hybrid Funds)
लंबे समय में महंगाई को हराने के लिए इक्विटी जरूरी है।
* SIP के जरिए आप छोटा निवेश करेंगे और बड़ा कॉर्पस मिलेगा।
* 10–12% तक औसत रिटर्न (लंबी अवधि में)
* Flexi-cap, Index funds, Hybrid funds अच्छे विकल्प माने जाते हैं।
20–30 साल के निवेश के लिए सबसे जरूरी टूल है।
4. Senior Citizens Savings Scheme (SCSS)
रिटायरमेंट के बाद नियमित आय के लिए सुरक्षित विकल्प।
* सरकार समर्थित योजना
* तिमाही ब्याज भुगतान
* स्थिर और सुरक्षित रिटर्न
महंगाई धीरे-धीरे आपकी बचत की ताकत को खत्म करती है, इसलिए सिर्फ “सेफ” निवेश काफी नहीं है।
सही तरीका है:
* ग्रोथ + सेफ्टी का बैलेंस
* जल्दी शुरुआत
* लंबी अवधि तक निवेश
तभी ₹1 लाख महीने की रिटायरमेंट इनकम का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
डिस्क्लेमर: यह खबर सिर्फ जानकारी के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।
स्रोत: जागरण
