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धनबाद की शिक्षिका मुनमुन भट्टाचार्य को मिलेगा राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार, FLN और नवाचार से बदली स्कूल की तस्वीर

धनबाद की शिक्षिका मुनमुन भट्टाचार्य को मिलेगा राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार, FLN और नवाचार से बदली स्कूल की तस्वीर

धनबाद के मध्य विद्यालय बरमसिया की प्रभारी प्रधानाध्यापिका मुनमुन भट्टाचार्य को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 के लिए चुना गया है। जानिए उनकी उपलब्धियां।

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23 Aug 2026 185 views 3 min read
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धनबाद: धनबाद के लिए शिक्षा के क्षेत्र से एक बड़ी और गर्व की खबर सामने आई है। राजकीयकृत मध्य विद्यालय बरमसिया की प्रभारी प्रधानाध्यापिका मुनमुन भट्टाचार्य का चयन राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 के लिए किया गया है। शिक्षक दिवस के अवसर पर 5 सितंबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु उन्हें राष्ट्रपति भवन में सम्मानित करेंगी।

राष्ट्रीय स्तर पर चयनित शिक्षकों को पुरस्कार के रूप में 50 हजार रुपये की राशि, सिल्वर मेडल और प्रशस्ति पत्र दिया जाता है। झारखंड से इस पुरस्कार के लिए तीन शिक्षकों के नाम भेजे गए थे, जिनमें मुनमुन भट्टाचार्य का चयन हुआ है।


बच्चों की बुनियादी शिक्षा पर विशेष जोर


मुनमुन भट्टाचार्य ने विद्यालय में FLN यानी Foundational Literacy and Numeracy को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया। इसके लिए स्कूल में एक अलग FLN कक्ष तैयार किया गया, जहां बच्चों की बुनियादी पढ़ने-लिखने और गणितीय क्षमताओं को मजबूत करने के लिए गतिविधि आधारित शिक्षा पर जोर दिया जाता है।

उनका मानना है कि बच्चों की शुरुआती शिक्षा की नींव मजबूत होगी तो आगे की पढ़ाई को समझना उनके लिए आसान होगा। इसी सोच के तहत विद्यालय में खेल और अनुभव आधारित गतिविधियों को भी पढ़ाई का हिस्सा बनाया गया।

कम संसाधनों में तैयार किए Teaching Learning Material


बरमसिया मध्य विद्यालय में सीमित संसाधनों के बावजूद मुनमुन भट्टाचार्य ने TLM यानी Teaching Learning Material तैयार कर पढ़ाई को अधिक रोचक और प्रभावी बनाने की कोशिश की।

उन्होंने शिक्षा को केवल किताब और ब्लैकबोर्ड तक सीमित रखने के बजाय बच्चों को विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से सीखने के अवसर दिए। स्कूल में कंप्यूटर आधारित शिक्षा और पुस्तकालय के बेहतर इस्तेमाल को भी बढ़ावा दिया गया।


स्कूल की व्यवस्था और माहौल में आया बदलाव


मुनमुन भट्टाचार्य वर्ष 2019 से बरमसिया मध्य विद्यालय से जुड़ी हैं। इससे पहले वह मुरी-सिल्ली क्षेत्र के एक सरकारी विद्यालय में कार्यरत थीं। विद्यालय में उनकी भूमिका के दौरान शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ स्कूल के वातावरण और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर भी काम किया गया।

विद्यालय में बाल संसद को सक्रिय किया गया और आसपास के क्षेत्र के बच्चों का स्कूल में नामांकन बढ़ाने पर जोर दिया गया। पर्यावरण के प्रति बच्चों में जागरूकता बढ़ाने के लिए स्कूल परिसर में पोषण वाटिका विकसित की गई। जल संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया गया।

इन पहलों का उद्देश्य बच्चों को केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि उनमें नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी रहा।


राष्ट्रीय सम्मान पर मुनमुन भट्टाचार्य ने जताया आभार


राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए चयनित होने पर मुनमुन भट्टाचार्य ने इसे विद्यालय के शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों के सहयोग का परिणाम बताया। उन्होंने शिक्षा मंत्रालय, राज्य शिक्षा विभाग, जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के प्रति भी आभार जताया।

उनका यह राष्ट्रीय सम्मान न केवल उनके व्यक्तिगत प्रयासों की पहचान है, बल्कि धनबाद के सरकारी विद्यालयों में नवाचार और बेहतर शिक्षा व्यवस्था की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के लिए भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।


धनबाद के लिए गर्व का पल


धनबाद कोयलांचल की पहचान लंबे समय से खनन और औद्योगिक गतिविधियों से रही है, लेकिन शिक्षा के क्षेत्र में मुनमुन भट्टाचार्य जैसी शिक्षिका की उपलब्धि शहर की एक अलग तस्वीर भी सामने रखती है।

सीमित संसाधनों में बच्चों की बुनियादी शिक्षा मजबूत करने, स्थानीय स्तर पर शिक्षण सामग्री तैयार करने और विद्यालय के माहौल को बेहतर बनाने की कोशिशों ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया है।

5 सितंबर को राष्ट्रपति भवन में मिलने वाला यह सम्मान धनबाद के लिए निश्चित रूप से एक गौरवपूर्ण अवसर होगा।

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