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यात्रियों के लिए खुशखबरी: पुरी तक बढ़ सकती है धनबाद-भुवनेश्वर एक्सप्रेस, रांची-कामाख्या ट्रेन की फ्रीक्वेंसी बढ़ाने पर भी विचार

यात्रियों के लिए खुशखबरी: पुरी तक बढ़ सकती है धनबाद-भुवनेश्वर एक्सप्रेस, रांची-कामाख्या ट्रेन की फ्रीक्वेंसी बढ़ाने पर भी विचार

झारखंड, बिहार और ओडिशा के रेल यात्रियों के लिए आने वाले समय में यात्रा और अधिक सुविधाजनक हो सकती है। दक्षिण पूर्व रेलवे की हालिया बैठक में कई महत्वपूर्ण ट्रेन विस्तार और फ्रीक्वेंसी बढ़ाने से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा हुई, जिनमें धनबाद-भुवनेश्वर एक्सप्रेस को पुरी तक बढ़ाने का प्रस्ताव सबसे प्रमुख रहा।

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19 Jun 2026 42 views 3 min read
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पुरी तक मिल सकती है सीधी रेल सेवा

धनबाद और भुवनेश्वर के बीच चलने वाली एक्सप्रेस ट्रेन को पुरी तक विस्तारित करने की मांग एक बार फिर जोर-शोर से उठाई गई है। दक्षिण पूर्व रेलवे द्वारा आयोजित जोनल रेलवे यूजर्स कंसल्टेटिव कमेटी (ZRUCC) की बैठक में सदस्यों ने इस प्रस्ताव को प्राथमिकता देने की मांग की।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, ट्रेन को पुरी तक बढ़ाने का प्रस्ताव 4 जून को रेलवे बोर्ड और पूर्व तटीय रेलवे को भेजा जा चुका है। मंजूरी मिलने के बाद धनबाद और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को सीधे पुरी पहुंचने की सुविधा मिल सकती है, जिससे धार्मिक और पर्यटन यात्राएं और आसान होंगी।

रांची-कामाख्या एक्सप्रेस के फेरे बढ़ाने की मांग

बैठक में धनबाद मार्ग से गुजरने वाली रांची-कामाख्या साप्ताहिक एक्सप्रेस की सेवाएं बढ़ाने का मुद्दा भी उठाया गया। यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए ट्रेन की आवृत्ति बढ़ाने की सिफारिश की गई है।

रेलवे ने बताया कि इस संबंध में प्रस्ताव पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे और रेलवे बोर्ड को भेजा जा चुका है तथा अंतिम मंजूरी का इंतजार किया जा रहा है।

राउरकेला-जयनगर एक्सप्रेस को दैनिक चलाने की संभावना कम

राउरकेला-जयनगर एक्सप्रेस को सप्ताह में तीन दिन की बजाय प्रतिदिन चलाने की मांग फिलहाल पूरी होती नजर नहीं आ रही है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इस रूट पर पहले से अन्य ट्रेनें संचालित हो रही हैं और राउरकेला स्टेशन पर भी कुछ परिचालन संबंधी चुनौतियां मौजूद हैं।

इसी वजह से इस प्रस्ताव को अभी व्यावहारिक नहीं माना गया है।

रांची-आरा एक्सप्रेस को रोजाना चलाने में परिचालन बाधाएं

गोमो और बोकारो होकर चलने वाली रांची-आरा साप्ताहिक एक्सप्रेस को दैनिक ट्रेन बनाने की मांग पर भी रेलवे ने फिलहाल सकारात्मक संकेत नहीं दिए हैं।

अधिकारियों के मुताबिक, राजाबेड़ा से गया के बीच रेल मार्ग पहले से काफी व्यस्त रहता है और कई ट्रेनें इसी रूट का उपयोग करती हैं। ऐसे में वर्तमान परिस्थितियों में इस ट्रेन को प्रतिदिन चलाना चुनौतीपूर्ण है। हालांकि इस संबंध में प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा गया है और आगे निर्णय लिया जाएगा।

लोहरदगा तक बढ़ सकती है वनांचल एक्सप्रेस

रांची से भागलपुर के बीच चलने वाली वनांचल एक्सप्रेस को भविष्य में लोहरदगा तक विस्तारित किए जाने की संभावना भी जताई गई है।

यदि यह योजना लागू होती है तो लोहरदगा के यात्रियों को रांची, धनबाद, बिहार और पश्चिम बंगाल के कई शहरों के लिए बेहतर रेल संपर्क मिलेगा। रेलवे का कहना है कि पिस्का-टोरी रेलखंड के दोहरीकरण का कार्य पूरा होने के बाद इस प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।

गढ़वा तक पहुंच सकती है बर्द्धमान-हटिया मेमू

दक्षिण पूर्व रेलवे ने बर्द्धमान-हटिया मेमू ट्रेन को गढ़वा तक बढ़ाने का प्रस्ताव भी आगे बढ़ाया है।

इस संबंध में पूर्व मध्य रेलवे को पत्र भेजा गया है। मंजूरी मिलने पर गढ़वा और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को अतिरिक्त रेल सुविधा का लाभ मिल सकेगा।

रांची-एलटीटी एक्सप्रेस में आरक्षण व्यवस्था में बदलाव

बोकारो और गोमो मार्ग से चलने वाली रांची-लोकमान्य तिलक टर्मिनस (एलटीटी) साप्ताहिक एक्सप्रेस में झारखंड के यात्रियों के लिए आरक्षण सुविधा को बेहतर बनाने की दिशा में कदम उठाया गया है।

12 अगस्त से लागू होने वाले नए प्रावधान के तहत रांची से कोडरमा तक यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए अधिक सीटें जनरल वेटिंग लिस्ट श्रेणी में उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे स्थानीय यात्रियों को टिकट बुकिंग में अधिक अवसर मिलने की उम्मीद है।

शालीमार-गोरखपुर एक्सप्रेस की फ्रीक्वेंसी बढ़ाने की कोशिश जारी

महुदा और गोमो के रास्ते चलने वाली शालीमार-गोरखपुर एक्सप्रेस को सप्ताह में तीन दिन संचालित करने का प्रस्ताव भी विचाराधीन है।

रेलवे अधिकारियों ने बताया कि यह मामला उत्तर रेलवे के अधिकार क्षेत्र में आता है और इस संबंध में दो बार प्रस्ताव भेजा जा चुका है। अब अंतिम निर्णय संबंधित रेलवे जोन और रेलवे बोर्ड की मंजूरी के बाद ही लिया जाएगा।

निष्कर्ष

रेलवे नेटवर्क को मजबूत बनाने और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव विभिन्न स्तरों पर विचाराधीन हैं। यदि इन्हें मंजूरी मिलती है, तो झारखंड, बिहार और ओडिशा के लाखों यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी, अधिक ट्रेन विकल्प और सुविधाजनक यात्रा का लाभ मिलेगा।

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