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धनबाद को अब चाहिए अपना एयरपोर्ट: विकास और कनेक्टिविटी के लिए समय की मांग

धनबाद को अब चाहिए अपना एयरपोर्ट: विकास और कनेक्टिविटी के लिए समय की मांग

झारखंड की आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले धनबाद ने देश को कोयला, उद्योग और राजस्व के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। बावजूद इसके, आज भी धनबाद के लोगों को हवाई यात्रा के लिए दूसरे शहरों पर निर्भर रहना पड़ता है। तेजी से बढ़ती आबादी, औद्योगिक गतिविधियों और व्यापारिक संभावनाओं को देखते हुए अब यह सवाल जोर पकड़ रहा है कि क्या धनबाद को अपना एक आधुनिक एयरपोर्ट नहीं मिलना चाहिए?

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19 Jun 2026 2 views 1 min read
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MadGlo June 26

देश के प्रमुख औद्योगिक शहरों में शामिल है धनबाद

धनबाद केवल झारखंड का ही नहीं बल्कि देश का एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र है। यहां कोयला उद्योग, ऊर्जा क्षेत्र, शिक्षा संस्थान और व्यापारिक गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। हर दिन बड़ी संख्या में कारोबारी, विद्यार्थी, अधिकारी और पर्यटक धनबाद आते-जाते हैं।

इसके बावजूद हवाई यात्रा के लिए लोगों को कई घंटों का सफर तय कर रांची, देवघर, कोलकाता या अन्य हवाई अड्डों तक पहुंचना पड़ता है। यह न केवल समय की बर्बादी है बल्कि यात्रियों के लिए अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी बनता है।

बढ़ती आबादी और बढ़ती जरूरतें

धनबाद और आसपास के क्षेत्रों की आबादी लाखों में है। इसके साथ ही बोकारो, गिरिडीह, जामताड़ा और पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती इलाकों के लोग भी धनबाद को एक प्रमुख व्यावसायिक केंद्र के रूप में देखते हैं।

आज जब छोटे शहरों तक हवाई सेवाएं पहुंच रही हैं, तब धनबाद जैसे बड़े औद्योगिक शहर में एयरपोर्ट का अभाव विकास की गति को प्रभावित करता है। एक नया एयरपोर्ट न केवल स्थानीय लोगों की जरूरत पूरी करेगा बल्कि पूरे क्षेत्र को लाभ पहुंचाएगा।

उद्योग और निवेश को मिलेगा बढ़ावा

किसी भी शहर की आर्थिक प्रगति में बेहतर परिवहन व्यवस्था की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। एयरपोर्ट बनने से निवेशकों के लिए धनबाद तक पहुंचना आसान होगा। इससे नए उद्योगों, स्टार्टअप्स और व्यावसायिक परियोजनाओं को बढ़ावा मिल सकता है।

बेहतर एयर कनेक्टिविटी के कारण राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों की रुचि भी क्षेत्र में बढ़ सकती है, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए भी जरूरी

धनबाद में देश के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों में से एक, Indian Institute of Technology (ISM) Dhanbad स्थित है। यहां देशभर से विद्यार्थी और शोधकर्ता आते हैं।

इसके अलावा गंभीर चिकित्सा जरूरतों के लिए भी लोगों को बड़े शहरों की यात्रा करनी पड़ती है। एयरपोर्ट होने से मेडिकल इमरजेंसी और शैक्षणिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।

पर्यटन को मिलेगा नया आयाम

धनबाद और आसपास के क्षेत्रों में कई धार्मिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक स्थल मौजूद हैं। बेहतर हवाई संपर्क से पर्यटन क्षेत्र को भी लाभ होगा। देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले पर्यटक आसानी से इस क्षेत्र तक पहुंच सकेंगे।

सरकार और जनप्रतिनिधियों को करनी होगी पहल

पिछले कई वर्षों से धनबाद में एयरपोर्ट की मांग समय-समय पर उठती रही है। स्थानीय संगठनों, व्यापारिक संस्थाओं और नागरिकों का मानना है कि अब इस दिशा में ठोस कदम उठाने का समय आ गया है।

राज्य सरकार, केंद्र सरकार और संबंधित एजेंसियों को मिलकर भूमि चयन, व्यवहार्यता अध्ययन और परियोजना योजना पर काम शुरू करना चाहिए ताकि आने वाले वर्षों में धनबाद को अपना एयरपोर्ट मिल सके।

निष्कर्ष

धनबाद ने देश के औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अब समय आ गया है कि शहर को उसकी जरूरतों और क्षमता के अनुरूप आधुनिक हवाई सुविधा भी मिले। एक नया एयरपोर्ट केवल यात्रा का साधन नहीं होगा, बल्कि यह क्षेत्र के आर्थिक विकास, रोजगार सृजन, निवेश आकर्षण और बेहतर कनेक्टिविटी का नया द्वार साबित हो सकता है।

धनबाद के भविष्य को नई उड़ान देने के लिए एयरपोर्ट की मांग अब केवल एक सुविधा नहीं, बल्कि विकास की आवश्यकता बन चुकी है।

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