पंचेत डैम की कहानी – दामोदर घाटी का जुड़वां प्रहरी
झारखंड और पश्चिम बंगाल की सीमा पर, दामोदर नदी के शांत किनारों और पंचेत पहाड़ी की गोद में स्थित पंचेत डैम पूर्वी भारत की सबसे महत्वपूर्ण इंजीनियरिंग उपलब्धियों में से एक है। पिछले छह दशकों से अधिक समय से यह बाँध लाखों लोगों को विनाशकारी बाढ़ से बचा रहा है, स्वच्छ जलविद्युत का उत्पादन कर रहा है और कृषि व उद्योगों को जीवनदायिनी जल उपलब्ध करा रहा है। अक्सर मैथन डैम की लोकप्रियता के कारण पंचेत डैम की चर्चा कम होती है, लेकिन दामोदर घाटी के विकास में इसकी भूमिका किसी भी तरह कम नहीं है। वास्तव में मैथन और पंचेत डैम मिलकर "दामोदर घाटी के जुड़वां प्रहरी" कहलाते हैं, जिन्होंने इस पूरे क्षेत्र की तस्वीर बदल दी।
