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धनबाद में त्योहारों का मौसम 2026: रौनक, खरीदारी, स्वादिष्ट व्यंजन और खुशियों का संगम
Dhanbad

धनबाद में त्योहारों का मौसम 2026: रौनक, खरीदारी, स्वादिष्ट व्यंजन और खुशियों का संगम

परिचय: त्योहारों के मौसम में जगमगाता धनबाद झारखंड का प्रमुख शहर धनबाद अपनी कोयला खदानों, मेहनतकश लोगों और समृद्ध स्थानीय संस्कृति के लिए जाना जाता है। लेकिन त्योहारों का मौसम आते ही शहर की रौनक कुछ अलग ही हो जाती है। बाजारों में चहल-पहल बढ़ जाती है, घर रंग-बिरंगी रोशनी से सज जाते हैं, सड़कों पर उत्सव का माहौल दिखाई देता है और परिवार के लोग मिलकर खुशियां मनाते हैं। दुर्गा पूजा की भक्ति से लेकर दिवाली की जगमगाहट और छठ पूजा की आस्था तक, धनबाद में त्योहार भारतीय परंपराओं, संस्कृति, खान-पान और सामाजिक एकता का खूबसूरत संगम प्रस्तुत करते हैं। अगर आप धनबाद के निवासी हैं या त्योहारों के दौरान यहां घूमने की योजना बना रहे हैं, तो यह समय शहर को करीब से जानने और यादगार पल बिताने का बेहतरीन अवसर है।

धनबाद: एक ऐसा शहर जहाँ कोयला, संस्कृति और रोज़मर्रा की ज़िंदगी एक साथ मिलती है
Dhanbad

धनबाद: एक ऐसा शहर जहाँ कोयला, संस्कृति और रोज़मर्रा की ज़िंदगी एक साथ मिलती है

धनबाद झारखंड के प्रमुख शहरों में से एक है। यह शहर अपने कोयला क्षेत्रों, औद्योगिक गतिविधियों और देश के ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण योगदान के लिए जाना जाता है। लेकिन धनबाद की पहचान केवल कोयला और खनन तक सीमित नहीं है। यहां के लोग, मोहल्ले, शिक्षण संस्थान, बाजार, खान-पान, त्योहार और तेजी से बदलती शहरी जीवनशैली भी शहर को अपनी अलग पहचान देते हैं। धनबाद आने वाले लोगों के लिए यह शहर औद्योगिक विरासत और आधुनिक जीवनशैली का एक अनोखा मेल प्रस्तुत करता है।

धनबाद में दुर्गापूजा की तैयारियां तेज, आकर्षक थीम वाले पंडाल बन रहे आकर्षण का केंद्र
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धनबाद में दुर्गापूजा की तैयारियां तेज, आकर्षक थीम वाले पंडाल बन रहे आकर्षण का केंद्र

शारदीय नवरात्र और दुर्गापूजा को लेकर धनबाद में तैयारियां अब अंतिम चरण की ओर बढ़ रही हैं। शहर से लेकर झरिया, कतरास और बलियापुर तक विभिन्न पूजा समितियां भव्य पंडाल, आकर्षक विद्युत सजावट और मां दुर्गा की प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में जुटी हैं। इस वर्ष धनबाद की दुर्गापूजा में धार्मिक आस्था के साथ-साथ थीम आधारित पंडाल और कलात्मक सजावट विशेष आकर्षण का केंद्र बनने वाली है। अलग-अलग पूजा समितियों ने ऐतिहासिक मंदिरों, धार्मिक स्थलों और सांस्कृतिक विरासत से प्रेरित थीम तैयार की हैं।

धनबाद ट्रैफिक पुलिस ने बढ़ाई सख्ती: 30 वाहन जब्त, करीब ₹5 लाख के चालान
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धनबाद ट्रैफिक पुलिस ने बढ़ाई सख्ती: 30 वाहन जब्त, करीब ₹5 लाख के चालान

धनबाद शहर में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ ट्रैफिक पुलिस ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। शहर के विभिन्न हिस्सों में चलाए गए विशेष वाहन जांच अभियान के दौरान बड़ी संख्या में वाहनों और चालकों की जांच की गई। अभियान के दौरान 30 वाहनों को जब्त किया गया, जबकि बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस वाहन चलाने वाले छह चालकों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। पुलिस ने अलग-अलग स्थानों पर वाहन रोककर उनके दस्तावेज और यातायात नियमों के पालन की जांच की।

धनबाद की शिक्षिका मुनमुन भट्टाचार्य को मिलेगा राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार, FLN और नवाचार से बदली स्कूल की तस्वीर
Dhanbad

धनबाद की शिक्षिका मुनमुन भट्टाचार्य को मिलेगा राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार, FLN और नवाचार से बदली स्कूल की तस्वीर

धनबाद के मध्य विद्यालय बरमसिया की प्रभारी प्रधानाध्यापिका मुनमुन भट्टाचार्य को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 के लिए चुना गया है। जानिए उनकी उपलब्धियां।

नई धनबाद–कोयंबटूर अमृत भारत एक्सप्रेस: रूट, टाइमिंग, स्टॉपेज और पूरी जानकारी
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नई धनबाद–कोयंबटूर अमृत भारत एक्सप्रेस: रूट, टाइमिंग, स्टॉपेज और पूरी जानकारी

धनबाद: धनबाद और दक्षिण भारत के बीच रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने वाली बड़ी खबर सामने आई है। रेलवे बोर्ड ने नई धनबाद–कोयंबटूर अमृत भारत एक्सप्रेस को मंजूरी दे दी है। यह ट्रेन झारखंड को तमिलनाडु के कोयंबटूर से सीधे जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण नई रेल सेवा होगी। नई ट्रेन गया, डीडीयू, प्रयागराज, जबलपुर, नागपुर, विजयवाड़ा और काटपाड़ी होते हुए कोयंबटूर पहुंचेगी। यह ट्रेन धनबाद, कोयलांचल और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों के लिए काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। खासकर दक्षिण भारत में काम करने वाले मजदूरों, छात्रों, कारोबारियों, मरीजों और परिवारों को इससे फायदा मिलने की उम्मीद है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह नई ट्रेन पहले से चल रही धनबाद–पोदनूर अमृत भारत एक्सप्रेस से अलग है और इसका रूट भी पूरी तरह अलग है।

धनबाद 2026: कोयले की नगरी से कहीं आगे — घूमने, खाने, खरीदारी और एक्सप्लोर करने की पूरी गाइड
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धनबाद 2026: कोयले की नगरी से कहीं आगे — घूमने, खाने, खरीदारी और एक्सप्लोर करने की पूरी गाइड

धनबाद, झारखंड को अक्सर “भारत की कोयला राजधानी” के रूप में जाना जाता है। लेकिन अगर आप इस शहर को थोड़ा करीब से देखें, तो पाएंगे कि धनबाद सिर्फ कोयला खदानों तक सीमित नहीं है। बैंक मोड़ और हीरापुर की व्यस्त सड़कों से लेकर मैथन डैम, भटिंडा फॉल्स, तोपचांची झील और पंचेत डैम के शांत और प्राकृतिक वातावरण तक, धनबाद में उद्योग, शिक्षा, संस्कृति, मंदिर, खान-पान, खरीदारी और प्रकृति का शानदार मिश्रण देखने को मिलता है। साल 2026 में धनबाद तेजी से बदल रहा है। नए व्यवसाय, रेस्टोरेंट, आवासीय क्षेत्र, इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट और पर्यटन में बढ़ती रुचि शहर को एक नई पहचान दे रहे हैं। तो आखिर धनबाद में क्या देखें और क्या अनुभव करें? आइए जानते हैं।

खोया हुआ चिल्ड्रन पार्क, धनबाद: क्या हीरापुर को उसका बच्चों का पार्क वापस मिलेगा?
Dhanbad

खोया हुआ चिल्ड्रन पार्क, धनबाद: क्या हीरापुर को उसका बच्चों का पार्क वापस मिलेगा?

धनबाद के हीरापुर में रहने वाले कई लोगों के लिए चिल्ड्रन पार्क सिर्फ एक पार्क नहीं, बल्कि बचपन की यादों और समुदाय की पहचान का हिस्सा है। कभी यह स्थान बच्चों की हंसी, परिवारों की चहल-पहल और हरियाली के लिए जाना जाता था। लेकिन समय के साथ इसकी पहचान बदलती चली गई। आज कई स्थानीय लोग इसे "खोया हुआ चिल्ड्रन पार्क" कहते हैं। वजह यह नहीं कि पार्क नक्शे से गायब हो गया है, बल्कि इसलिए कि यह अपने मूल उद्देश्य से धीरे-धीरे दूर होता चला गया।

धनबाद की कोयला खदानें: भारत की कोयला राजधानी की कहानी, फायदे, भूमिगत आग, प्रदूषण और भविष्य
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धनबाद की कोयला खदानें: भारत की कोयला राजधानी की कहानी, फायदे, भूमिगत आग, प्रदूषण और भविष्य

झारखंड का धनबाद केवल एक शहर नहीं, बल्कि भारत की औद्योगिक प्रगति की नींव रखने वाले प्रमुख क्षेत्रों में से एक है। इसे "भारत की कोयला राजधानी" (Coal Capital of India) कहा जाता है क्योंकि यहां स्थित विशाल कोयला भंडार देश के बिजलीघरों, इस्पात उद्योगों और अनेक बड़े कारखानों को ऊर्जा प्रदान करते हैं। लेकिन धनबाद की कहानी केवल विकास और रोजगार तक सीमित नहीं है। यहां की धरती के नीचे वर्षों से जल रही कोयले की आग, बढ़ता वायु प्रदूषण, धंसती जमीन, क्षतिग्रस्त मकान और पर्यावरणीय चुनौतियां भी इस शहर की एक अलग पहचान बन चुकी हैं। ऐसे में सवाल उठता है—क्या कोयला धनबाद के लिए वरदान है या अभिशाप? सच यह है कि इसका उत्तर दोनों के बीच कहीं मौजूद है।

सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए धनबाद में बना हेलमेट आकार का ट्रैफिक पोस्ट
Dhanbad

सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए धनबाद में बना हेलमेट आकार का ट्रैफिक पोस्ट

सड़क सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक करने की दिशा में धनबाद पुलिस ने एक अनूठी पहल की है। शहर में हेलमेट के आकार का एक आधुनिक ट्रैफिक पोस्ट तैयार किया गया है, जिसका उद्घाटन शनिवार को गोल बिल्डिंग के समीप किया गया। यह ट्रैफिक पोस्ट न केवल यातायात प्रबंधन में सहायक होगा, बल्कि लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने का भी कार्य करेगा। इस विशेष ट्रैफिक पोस्ट का उद्घाटन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) प्रभात कुमार ने किया। इस अवसर पर सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव, ग्रामीण एसपी एस. मोहम्मद याकूब, ट्रैफिक डीएसपी रोहित कुमार साव सहित कई पुलिस अधिकारी और जवान उपस्थित रहे।

रांची: झारखंड की राजधानी और प्राकृतिक सुंदरता का शहर
Ranchi

रांची: झारखंड की राजधानी और प्राकृतिक सुंदरता का शहर

झारखंड की राजधानी रांची अपनी मनमोहक प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध संस्कृति और आधुनिक विकास के लिए प्रसिद्ध है। पहाड़ियों, झरनों और हरियाली से घिरा यह शहर "झरनों का शहर" (City of Waterfalls) के नाम से भी जाना जाता है। रांची न केवल राज्य का प्रशासनिक केंद्र है, बल्कि शिक्षा, पर्यटन, व्यापार और संस्कृति का भी प्रमुख केंद्र है।

जमशेदपुर: भारत का पहला योजनाबद्ध औद्योगिक शहर
Jamshedpur

जमशेदपुर: भारत का पहला योजनाबद्ध औद्योगिक शहर

जमशेदपुर झारखंड का सबसे विकसित और औद्योगिक रूप से समृद्ध शहर माना जाता है। इसे "स्टील सिटी ऑफ इंडिया" के नाम से भी जाना जाता है। यह शहर अपने उत्कृष्ट शहरी नियोजन, स्वच्छता, हरियाली और औद्योगिक विकास के लिए देशभर में प्रसिद्ध है। टाटा समूह द्वारा स्थापित यह शहर आधुनिक भारत के औद्योगिक विकास का प्रतीक माना जाता है।