वेनेजुएला में कार्यरत एक भारतीय मर्चेंट नेवी नाविक की मृत्यु के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। भारत में दोबारा किए गए पोस्टमार्टम में शव से कई महत्वपूर्ण आंतरिक अंग गायब पाए जाने के बाद पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है।
मिली जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के रहने वाले 33 वर्षीय राकेश चौहान वर्ष 2025 के अंत में एक मर्चेंट जहाज पर नौकरी करने के लिए वेनेजुएला गए थे। मई 2026 में उनके परिवार को कंपनी की ओर से उनकी मृत्यु की सूचना दी गई। प्रारंभिक जानकारी में मृत्यु का कारण हृदयाघात (कार्डियक अरेस्ट) बताया गया।
करीब एक महीने बाद जब उनका शव भारत पहुंचा, तो परिजनों ने परिस्थितियों पर संदेह व्यक्त करते हुए दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग की। जांच के दौरान डॉक्टरों ने पाया कि शव से हृदय, मस्तिष्क, फेफड़े, किडनी, लीवर सहित कई महत्वपूर्ण आंतरिक अंग मौजूद नहीं थे। इसके कारण मृत्यु का वास्तविक कारण निर्धारित करना संभव नहीं हो सका।
परिजनों का आरोप है कि कंपनी ने अलग-अलग समय पर अलग-अलग जानकारी दी। पहले दुर्घटना और चोट की बात कही गई, जबकि बाद में आधिकारिक रूप से हृदयाघात को मृत्यु का कारण बताया गया।
इस घटना के बाद नाविक संगठनों ने पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने भारत सरकार और वेनेजुएला स्थित भारतीय दूतावास से मामले में सक्रिय हस्तक्षेप कर सच्चाई सामने लाने की अपील की है।
विशेषज्ञों के अनुसार, पोस्टमार्टम के दौरान जांच के लिए कुछ ऊतकों या अंगों के नमूने लिए जाना सामान्य प्रक्रिया हो सकती है। हालांकि, यदि कई महत्वपूर्ण अंग अनुपस्थित हों और उसका उचित दस्तावेज उपलब्ध न हो, तो यह गंभीर जांच का विषय बन जाता है।
फिलहाल संबंधित अधिकारियों से पूरे मामले की जांच और तथ्यों को सार्वजनिक करने की अपेक्षा की जा रही है, जबकि मृतक का परिवार न्याय और स्पष्ट जवाब की मांग कर रहा है।

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